टीचर्स डे स्पेशल: एक किताब, एक कलम, एक बच्चा, और एक शिक्षक जो बदल दे दुनिया

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मुंबई: शिक्षक दिवस 5 सितंबर को पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस होता है। राधाकृष्णन के जन्मदिवस के मौक पर ही शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, उसे ध्यान में रखते हुए उनके जन्मदिवस को ही शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों को प्यार और सम्मान देना का होता है। शिक्षक दिवस के दिन स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। किसी ने सही कहा है कि शिक्षक अभिभावकों से भी महान होता है। अभिभावक बच्चे को जन्म जरूर देते हैं लेकिन शिक्षक उसके चरित्र को आकर देकर उज्ज्वल भविष्य बनाते हैं।

आज का दिन शिक्षकों के अलावा हम विद्यार्थियों के लिए भी बहुत खास है, क्योंकि आज हम इस मंच से अपने प्रिय शिक्षकों के प्रति अपने विचार प्रकट कर सकते हैं और उन्हें यह बता सकते हैं कि वे हमारी जिंदगी में क्या मायने रखते हैं? वैसे तो हर समय ही हम विद्यार्थी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञ रहते हैं, लेकिन समाज और हमारे व्यक्तित्व निर्माण में उनके अहम योगदान के लिए आज के दिन विशेषतौर पर हम अपने शिक्षकों को ध्न्यवाद करना चाहते हैं।

माता-पिता के बाद आप ही वे प्रथम गुरु हैं जिन्होंने हमें सही-गलत का भेद करना सिखाया, हमें साक्षर बनाया, हमारा भला सोचा, हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बल्कि ये कहना ज्यादा सही होगा कि माता-पिता से भी बढ़कर आप हैं। माता-पिता ने जन्म दिया लेकिन आपने जिंदगी सही मायने में जीना सिखाया। आपके दिए ज्ञान के बिना जिंदगी की कठिन पहेलियों को सुलझाना आसान न होता।

शिक्षक दिवस के मौके पर आज हम आपके लिए शिक्षकों पर महान विद्वानों के विचार लेकर आए हैं।

1. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुर्साक्षात् पर ब्रह्मः तस्मै श्री गुरवे नमः

2. गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय, बलिहारी गुरु आपकी, गोविंद दियो बताय

– कबीर दास

3. गुरू पारस को अन्तरो, जानत हैं सब संत, वह लोहा कंचन करे, ये करि लेय महंत

– कबीर दास

4. हमे याद रखना चाहिए एक किताब, एक कलम, एक बच्चा, और एक शिक्षक दुनिया को बदल सकते हैं।

– मलाला युसुफ राय

5. सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें अपने लिए सोचने में सहायता करते हैं।

– डॉ. सरवपल्ली राधाकृष्णन

6. मैं जीने के लिए अपने पिता का ऋणी हूँ, पर अच्छे से जीने के लिए अपने गुरु का।

– अलेक्जेंडर द ग्रेट

7. रचनात्मक अभिव्यक्ति और ज्ञान में प्रसन्नता जगाना शिक्षक की सर्वोत्तम कला है।

– अल्बर्ट आइंस्टीन

8. अगर किसी देश को भ्रष्टाचार-मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो, मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु।

– अब्दुल कलाम

9. एक अच्छा शिक्षक आशा को जगाता है, कल्पना को प्रज्वलित करता है और सीखने का प्यार बढ़ाता है।

– ब्रैड हेनरी

10. यदि आपको लगता है कि आपका शिक्षक सख्त है तो तब तक इंतज़ार करिए जब तक आपको बॉस नहीं मिल जाता है।

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