कुलभूषण जाधव को आज कॉन्सुलर एक्सेस दे रहा पाक

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लाहौर: पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के लिए आज बड़ा दिन है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेशानुसार पाकिस्तान आज कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देगा। पहले पाकिस्तान ने कॉन्सुलर एक्सेस को लेकर कुछ शर्तें रखी थीं, जिसे भारत ने मानने से साफ इनकार कर दिया था। भारत के आपत्ति जताने के बाद पाकिस्तान ने शर्तों को हटा लिया। अब भारत ने कुलभूषण जाधव के विएना संधि के मुताबिक कॉन्सुलर एक्सेस को स्वीकार कर लिया है।

इसके तहत कुलभूषण जाधव को आज 2 घंटे के लिए कॉन्सुलर एक्सेस दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में भारत के उप-उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया कुलभूषण जाधव से आज दोपहर 12 बजे मुलाकात करेंगे।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि 49 साल के जाधव को ‘‘राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन, अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले और पाकिस्तान के कानूनों के अनुरूप’’ राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। कुलभूषण जाधव से अधिकारी सिर्फ 2 घंटे के लिए मिल पाएंगे।

एक अगस्त को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा था कि फांसी की सजा का सामना कर रहे भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अगले दिन दूतावास मदद मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, जाधव को दूतावास मदद की शर्तों पर दोनों देशों के बीच मतभेदों की वजह से दो अगस्त को निर्धारित बैठक नहीं हो पाई थी।

बैठक के न होने के बाद से पाकिस्तान के इरादों पर सवाल उठने लगे थे। जिसके कुछ समय बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि कुलभूषण जाधव को दूतावास मदद की इजाजत देने के वह वादे के करीब छह हफ्ते बाद इस्लामाबाद ने कहा था कि इस मुद्दे पर वह भारत से संपर्क में है।

भारत ने दिए थे तत्काल मदद के निर्देश
भारत ने गुरुवार को कहा था कि उसने पाकिस्तान से कुलभूषण जाधव तक तत्काल, प्रभावी और अबाधित राजनयिक पहुंच देने को कहा है और राजनयिक माध्यमों से पड़ोसी देश से संपर्क में है।

जुलाई में हेग स्थित अदालत ने पाकिस्तान को भारत को बिना किसी देरी के जाधव तक राजनयिक पहुंच देने का आदेश दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पत्रकारों से कहा था कि हम राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तानी पक्ष के संपर्क में है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश के आधार पर, हमने तत्काल, प्रभावी और अबाधित राजनयिक पहुंच देने को कहा। उन्होंने कहा, ‘देखते हैं कि पाकिस्तान के पक्ष से हमें कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।’

2017 में पाक ने सुनाई थी मौत की सजा
भारतीय नौसेना के 49 साल के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को पाकिस्तान की एक फौजी अदालत ने ‘जासूसी और आतंकवाद’ के इल्जाम में अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। भारत का कहना है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था जहां वह नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद व्यापारिक उद्देश्य से गये थे और उन पर गलत आरोप लगाये गये हैं। इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख किया था।

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