पीएमसी बैंक अधिकारियों के खिलाफ किरीट सोमैया ने दर्ज कराई शिकायत

0
459

मुंबई: पंजाब एंड महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक के कई खाताधारकों ने बैंक के अधिकारियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को पुलिस में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने भी बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि बैंक के शीर्ष अधिकारियों और एचडीआईएल के खिलाफ कथित रूप से जमाकर्ताओं के 3,000 करोड़ रुपये की ‘लूट’ का मामला दर्ज कराया गया है।

सोमैया ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के पास बैंक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पूर्व सांसद ने अपनी शिकायत में कहा है कि कम से कम 9.12 लाख जमाकर्ताओं का पैसा पीएमसी बैंक के प्रबंधन और रियल एस्टेट कंपनी एचडीआईएल ने लूटा है।

आर्थिक अपराध शाखा के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए सोमैया ने आरोप लगाया कि पीएमसी बैंक प्रबंधन और एचडीआईएल के मालिक ने साजिश कर जमाकर्ताओं के धन का गबन किया है। इस मामले में पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि रिजर्व बैंक के अधिकारियों को बैंक और एचडीआईएल के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

उन्होंने बैंक के एचडीआईएल से लेनदेन की पूर्ण फॉरेंसिक आडिट कराने की मांग की। पूर्व सांसद ने कहा, ‘‘बैंक द्वारा दिए गए कुल 8,000 करोड़ रुपये के कर्ज में से अकेले 3,000 करोड़ रुपये एचडीआईएल और समूह की बेनामी कंपनियों को दिए गए हैं। एचडीआईएल की ओर से भुगतान में चूक के बावजूद बैंक ने कंपनी को सैकड़ों रुपये का और कर्ज बिना उचित दस्तावेजों के दिया।’’

इससे पहले बैंक के खाताधारकों का एक प्रतिनिधिमंडल मध्य मुंबई के सियान पुलिस स्टेशन गया और बैंक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक पर नियामकीय खामियों के चलते कई पाबंदियां लगाई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ग्राहकों की ओर से बैंक के चेयरमैन और उसके निदेशकों के खिलाफ जनता के धन का गबन करने की शिकायत दर्ज कराई गई है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पीएमसी बैंक के चेयरमैन और उसके सभी निदेशकों सहित कम से कम 14 लोगों ने खाताधारकों के धन का गबन किया है। खाताधारकों ने अपनी शिकायत में इस बारे में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। खाताधारकों ने कहा है कि शिकायत में जिन लोगों का नाम है, उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए जिससे वे देश छोड़कर नहीं जा सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here