जेएनयू कैंपस में एबीवीपी-लेफ्ट में भीषण भिड़ंत

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नई दिल्ली: दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक बार फिर हिंसा का मामला सामने आया है। जेएनयू छात्र संघ ने दावा किया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने हिंसा को अंजाम दिया है। जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) अध्यक्ष आइशी घोष पर भी हमला किया गया। इस हमले में आइशी घोष के सिर में गंभीर चोट आई है।

छात्र संघ का दावा है कि यह बवाल लेफ्ट और एबीवीपी के छात्रों के बीच हुआ है। इस हिंसा में दोनों छात्र संगठनों के करीब 25 छात्र घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि विंटर सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन के लिए पांच जनवरी आखिरी दिन था, इसलिए छात्र रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते थे। मगर लेफ्ट और छात्र संघ ने उनको रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों के दोनों गुट आपस में भिड़ गए।

इसके बाद पेरियार हॉस्टल के सामने पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना के बाद कैंपस में पुलिस पहुंची है। घटना में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं कई अन्य छात्रों को पुलिस अपने साथ ले गई है।

जेएनयू में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष आइश घोष ने कहा, ‘मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से पीटा है। मेरा खून बह रहा है और मुझे बेहरमी से पीटा गया है। उन पर नकाब पहने लोगों ने हमला किया है।’

झड़प के दौरान की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक अन्य वीडियो में मास्क पहने छात्र हमला करते दिख रहे हैं। जेएनयू की शिक्षक सुचित्रा सेन को भी गंभीर चोटें आई हैं।

केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट
मानव संसाधन मंत्रालय ने पूरे मामले पर जेएनयू रजिस्ट्रार से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने जेएनयू के वीसी के अलावा पुलिस अधिकारियों से भी बात की है ताकि शांति सुनिश्चित की जा सके।

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइसी की हालत गंभीर
जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम छात्र गुटों में हुई मारपीट के बाद देर रात तक घायलों का एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात 10 बजे तक एम्स के ट्रामा सेंटर में 23 और सफदरजंग अस्पताल में 3 घायलों को भर्ती कराया है। जेएनयू छात्र संघ आइशी घोष की हालत गंभीर है। ट्रामा सेंटर में भर्ती आइसी घोष को सिर में कई टांके भी आए हैं।

एम्स ट्रामा सेंटर के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि रात 10.30 बजे तक उनके यहां 23 छात्रों को गंभीर हालत में भर्ती कराया है। इनमें से करीब 12 छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष की हालत गंभीर है।

केजरीवाल ने तुरंत हिंसा रोकने की अपील की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा, ‘मैं जेएनयू में हिंसा से काफी हैरान हूं। छात्रों पर बुरी तरह से हमला किया गया है। पुलिस को तुरंत हिंसा रोककर शांति कायम रखनी चाहिए। अगर कैंपस के भीतर भी छात्र सुरक्षित नहीं हैं, तो देश कैसे तरक्की करेगा।’

दिल्ली सरकार ने कहा है कि जेएनयू कैंपस की स्थिति को देखते हुए सात एंबुलेंस भेजी गई हैं जबकि 10 एंबुलेंस स्टैंडबाय पर हैं। कैंपस में भारी सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है।

एबीवीपी का दावा, हिंसा के पीछे लेफ्ट
इस बीच एबीवीपी ने ट्विटर पर बयान जारी कर कहा है कि कैंपस में हिंसा के पीछे लेफ्ट छात्रों का हाथ है। बयान के मुताबिक एसएफआई, आइसा और डीएसएफ छात्र संघ का हाथ इस हिंसा के पीछे है। इस हमले में करीब 25 छात्र घायल हुए हैं जबकि 11 छात्रों का पता नहीं है। एबीवीपी ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया है कि छात्रों को हॉस्टल में घुसकर मारा गया और तोड़फोड़ की गई।

एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी ने कहा, ‘लेफ्ट के गुंडों की ओर से यह अघोषित आपातकाल है।’

भारत माता की जय बोल रहे थे हमलावर : जेएनयूएसयू
एबीवीपी के बाद जेएनयू छात्र संघ ने भी ट्वीट करते हुए अपना पक्ष रखा है। जेएनयूएसयू ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘वे भारत माता की जय बोल रहे थे। कैंपस में छात्रों से मारपीट करने के बाद वे भारत माता का नाम ले रहे थे। जेएनयू कैंपस में सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवाद फैलाया जा रहा है।’

वहीं दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने कहा कि छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ जेएनयू में हुई हिंसा बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को जेएनयू प्रसाशन के साथ हर संभव कदम उठाने चाहिए।

योगेंद्र यादव से भी धक्का मुक्की
सामाजिक कार्यकर्ता एवं जेएनयू के पूर्व छात्र योगेंद्र यादव को भी धक्का मुक्की से जूझना पड़ा। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा कभी माहौल नहीं देखा। जेएनयू परिसर में प्रवेश करने से रोका गया और उनके साथ धक्का मुक्की भी हुई। यादव ने इसपर सवाल उठाते हुए कहा कि जेएनयू के अंदर घुसकर हंगामा करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय नेताओं को प्रवेश करने से रोका गया।

जेएनयू छात्रों ने किया दिल्ली पुलिस के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हमले के खिलाफ दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

जेएऩयू के 18 छात्रों को ट्रामा सेंटर लाया गया

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के 18 छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए ले जाया गया है। इनमें से कई छात्रों के सिर पर गंभीर चोट है।

जेएनयू मामले की जांच शालिनी सिंह करेंगी
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्रालय ने जेएनयू मामले में जांच बैठा दी है। गृहमंत्रालय ने आदेश दिया था कि आईजी स्तर की पुलिस अधिकारी मामले की जांच करेगा। लिहाजा रविवार देर रात को जांच बैठा दी गई और पश्चिमी परिक्षेत्र की संयुक्त पुलिस आयुक्त शालिनी सिंह मामले की जांच करेंगी। माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस एक-दो दिन में गृहमंत्रालय को रिपोर्ट दे सकती है।

जेएनयू हिंसा की मनोज तिवारी ने की निंदा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने जेएनयू हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जनादेश द्वारा ठुकरा दिए गए जनाधार विहीन राजनीतिक दलों और नेताओं की हताशा विश्वविद्यालयों में हिंसा के रूप में सामने आ रही है।

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइसी की हालत गंभीर, 26 भर्ती
जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में रविवार देर शाम छात्र गुटों में हुई मारपीट के बाद देर रात तक घायलों का एम्स और सफदरजंग अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात 10 बजे तक एम्स के ट्रामा सेंटर में 23 और सफदरजंग अस्पताल में 3 घायलों को भर्ती कराया है। जेएनयू छात्र संघ आइशी घोष की हालत गंभीर है। ट्रामा सेंटर में भर्ती आइसी घोष को सिर में कई टांके भी आए हैं।

एम्स ट्रामा सेंटर के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि रात 10.30 बजे तक उनके यहां 23 छात्रों को गंभीर हालत में भर्ती कराया है। इनमें से करीब 12 छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष की हालत गंभीर है।

इनके अलावा जेएनयू प्रोफेसर सुचित्रा के सिर में भी काफी चोटें हैं। चार घायलों के हाथ में फ्रैक्चर भी है। फिलहाल घायलों का उपचार किया जा रहा है। वहीं सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तीन घायलों को भर्ती कराया है। डॉक्टरों का कहना है कि तीन में से दो घायलों के सिर पर किसी धार दार हथियार से हमला किया है। हालांकि दोनों ही अस्पताल प्रबंधन ने घायलों की पहचान बताने से साफ इंकार कर दिया।

जेएनयू में हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ाई गई
बवाल के बाद जेएनयू में पुलिस तैनात तैनात कर दी गई है। जेएनयू कैंपस में स्थित हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ गई है। महिला हॉस्टल की सुरक्षा को कड़ा दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने देर रात को जेएनयू कैंपस में नकाबपोश को पकडने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। हालांकि रविवार देर रात तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया था।

दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेन्द्र आर्या ने बताया कि जेएनयू में दो गुटों में झगड़ा हुआ है। जेएनयू में सरकारी प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचाया गया है। देर रात तक जेएनयू में शांति कायम हो गई थी। जेएनयू वीसी व अन्य प्रोफेसरों के आवास के बाहर भी पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए थे। जेएनयू में हॉस्टल की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। मौके पर अद्र्धसैनिक बलों को बुला लिया गया था।

जेएनयू में शांति कायम करने के लिए जेएनयू जाने वाले मार्गों को बंद कर दिया गया था। जेएनयू के सामने स्थित गंगनाथ मार्ग को बंद कर दिया गया था। नेबसराय व वसंत विहार दोनों तरफ से जेएनयू के मार्गों को बंद कर दिया गया था। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। कुछ मार्गों पर जाम लग गया था।

पुलिस ने जेएनयू में किया फ्लैग मार्च, दोनों गेट पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात
जेएनयू में रविवार देर शाम को हालात नियंत्रण में रहे। दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद जेएनयू में प्रवेश कर लिया। पुलिस ने जेएनयू के अंदर फ्लैग मार्च किया। हॉस्टल के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर गए। पुलिस ने देर रात को जेएनयू को अपने कब्जे में ले लिया।जेएनयू के दोनों गेटों पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा।

नई दिल्ली परिक्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद मोहन के अनुसार, जेएनयू में छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हुआ था। कुछ छात्र घायल हुए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने कैंपस में प्रवेश के लिए जेएनयू प्रशासन से अनुमति मांगी थी। जेएनयू प्रशासन की अनुमति के बाद पुलिस ने जेएनयू में प्रवेश किया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने जेएनयू में फ्लैग मार्च किया। देर रात तक जेएनयू के हालात तनावपूर्ण, मगर शांतिपूर्ण थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी तरफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार देर रात दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और जेएनयू बवाल मामले में रिपोर्ट मांगी। माना जा रहा है कि पुलिस सोमवार को गृहमंत्रालय को रिपोर्ट सौंप देगी। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक खुद जेएनयू मामले पर नजर रखे हुए थे। वह दक्षिण-पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पल-पल की रिपोर्ट ले रहे थे।

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