आरबीआई से 45 हजार करोड़ रुपए की मदद मांग सकता है केंद्र

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नई दिल्ली: आर्थिक सुस्ती से उबरने के लिए सरकार रिजर्व बैंक से 45 हजार करोड़ रुपए की मदद मांग सकती है। यह दावा एक समाचार एजेंसी ने किया है। आर्थिक विकास दर 11 साल के न्यूनतम स्तर पांच फीसदी पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

इसके कारण कर संग्रह अपने लक्ष्य से पीछे चल रहा है। इससे राजकोषीय घाटा बजट अनुमान से आगे निकल गया है। इसको नियंत्रित करने के लिए सरकार को धन की जरूरत है। इस मामले के जानकारी रखने वाले एक शीर्ष सरकारी अधिकारी के अनुसार, सरकार चाहती है कि आरबीआई इस वित्त वर्ष के लिए मांगे जा रहे अंतरिम लाभांश पर विचार करे। आरबीआई इस वर्ष को अपवाद माने क्योंकि अर्थव्यवस्था में सुस्ती है।

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए सरकार ने राजस्व लक्ष्य 19.6 लाख करोड़ रुपए है, पर सुस्ती की वजह से उम्मीद के मुताबिक संग्रह नहीं हो सका है। इससे पहले भी आरबीआई ने सरकार को 1.76 लाख करोड़ दिए थे।

संकट
* 45 हजार करोड़ रुपये की मांग कर सकती है केंद्र सरकार।
* राजकोषीय घाटा दूर करने के लिए धन की जरूरत।

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