चप्पल का नहीं रखा ख्याल तो शनिदेव कर देंगे कंगाल

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Shani dev

मुंबई: शनि महाराज को क्रूर देवता माना गया है लेकिन ये पूर्णतय: सत्य नहीं है क्योंकि शनिदेव की कृपा यदि एक बार हो जाए तो व्यक्ति मालामाल बन जाता है। शनि का संबंध पैरों से होता है। सौभाग्य और शनि की कृपा पाने के लिए जूते-चप्पलों से जुड़े वास्तु उपाय करने अति आवश्यक होते हैं। जब कोई व्यक्ति जूते-चप्पल पहनकर घर के अंदर प्रवेश करता है तो अपने साथ राहु-केतु से जुड़े दोष भी साथ ले आता है।

कुंडली में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या दोनों ही अच्छी नहीं होती। ऐसी स्थिति में जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धन और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां इनमें मुख्य होती हैं। ऐसी स्थिति में चप्पल आपके बहुत काम आ सकती है। शनिवार के दिन बिना किसी को बताए अपनी काले रंग की चमड़े की चप्पल या जूता मंदिर के प्रवेश द्वार पर उतार कर वापस चले आएं। ध्यान रहे कि वापस लौटते समय आपको पीछे पलटकर नहीं देखना है। इस उपाय से शनि संबंधी सभी परेशानियां दूर होती हैं।

कई बार मंदिर के प्रवेश द्वार से चप्पल या जूता चोरी हो जाता है। इस चोरी को अशुभ नहीं मानिए क्योंकि ये शनि के शुभ होने का संकेत होता है। मंदिर के बाहर से जूता चोरी होने से शनि भी पीछा छोड़ देता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा होने पर शनि दोष से राहत मिलती है।

फटे जूते हमारे भाग्य को खराब करते हैं इसलिए कभी भी शुभ कार्य, नौकरी के लिए, बेटे या बेटी के रिश्ते के लिए या फिर लंबी यात्रा पर जाते वक्त फटे हुए जूते ना पहनें। इससे घर में दरिद्रता आती है साथ ही जिस कार्य के लिए आप जा रहे हैं उसमें अड़चनें पैदा होती हैं।

कहते हैं घर के बाहर जो भी नकारात्मक शक्तियां होती हैं वो जब तक दहलीज़ के अंदर नहीं आतीं घर में सुख-शांति बनी रहती है लेकिन जैसे ही ये कोई भी नकारात्मक शक्ति घर के अंदर आ जाए परेशानियां शुरु हो जाती हैं। चप्पल और जूतों के बारे में भी यही कहा गया है। शास्त्रों में वर्णन है कि पादुकाओं यानि जूते-चप्पल को घर की दहलीज पर कभी नहीं रखना चाहिए इनकी जगह घर के बाहर ही होती हैं। घर में अपने अतिथियों को भी ऐसा ना करने दें। इसके पीछे मान्यता है कि जूते या चप्पल बाहर की नकारात्मक ऊर्जा को घर में लाने का काम करते हैं। इससे धनहानि, अशांति, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने का खतरा बना रहता है।

घर में ईशान कोण उत्तर-पूर्व दिशा होता है। ये अत्यधिक महत्वपूर्ण दिशा मानी जाती है। यदि घर के अंदर जूते-चप्पल रखने का स्थान बना रहे हैं तो कभी भी ईशान कोण में इसे ना रखें। इन्हें एक व्यवस्थित ढंग से हमेशा पश्चिम दिशा में ही रखें।

जूते-चप्पलों के साथ घर में राहु-केतु का भी प्रवेश होता है, इतना ही नहीं नकारात्मक ऊर्जा भी इनके साथ चली आती है। ऐसे में बाहर के जूतों को कभी घर में पहनना नहीं चाहिए। यहा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी खराब है।

ऑफिस में भूरे रंग के जूते पहनकर नहीं जाना चाहिए। ये उन लोगों पर और भी ज्यादा लागू होता है जो कि बैंकिंग या शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। इन लोगों के लिए कॉफी या फिर डार्क ब्राउन रंग के जूते अच्छे रहते हैं।

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