पाकिस्तान ने पीओके पर पहली बार कबूला सच, माना कश्मीर को भारत का हिस्सा

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नई दिल्ली: देर से ही सही लेकिन पाकिस्तान ने इस बात को कबूल कर लिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। कोरोनावायरस को लेकर पाकिस्तान की आधिकारिक वेबसाइट COVID.gov.pk पर पाकिस्तान ने सही नक्शा लगाकर इस बात को कबूल कर लिया जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हिस्सों पर उसका कब्जा पूरी तरह गलत है। आपको बता दें कि पाकिस्तान लगातार ही जम्मू-कश्मीर में धर्म के नाम पर लोगों को बरगलाने की कोशिश करता रहता है। साल 1947 में उसने धोखे से जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर धोखे से कब्जा कर लिया था।

पाकिस्तान सरकार ने कोरोनावायरस की जानकारी देने के लिए एक वेबसाइट बनाई है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को भारत का हिस्सा बताया गया है। अभी तक पीओके पर पाकिस्तान अपना अधिकार जताता रहा है और वहां की सुप्रीम कोर्ट ने वहां पर चुनाव कराए जाने का आदेश दिया था। इस पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अब सरकारी वेबसाइट पर ही पीओके को इमरान सरकार ने भारत का हिस्सा बताया है।

Pakistan Jammu Kashmir

COVID.gov.pok नाम से बनाई गई इस वेबसाइट में ग्राफिक्स के जरिए कोरोना के संक्रमण का दायरा बताया गया है। इस पर नक्शे की फोटो देखने के बाद ही पाकिस्तान की सरकार को यूजर्स ने ट्विटर पर ट्रोल करना शुरू कर दिया। यूजर तंज कस रहे हैं कि देर आए, दुरुस्त आए।

भारत ने 8 मई से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के गिलगित और बाल्टिस्तान के मौसम का पूर्वानुमान देना शुरू कर दिया है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी लद्दाख, पुलवामा, जम्मू के मौसम की भविष्यवाणियां करनी शुरू कर दीं। पहले ही दिन पाकिस्तान ने खुद का मजाक बनवा लिया। दरअसल, पाकिस्तान रेडियो ने लद्दाख के तापमान को लेकर ट्वीट किया। इसमें उसने अधिकतम तापमान -4 डिग्री और न्यूनतम तापमान -1 डिग्री लिखा। ट्विटर ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा- “यह गलत है। अधिकतम तापमान -1 डिग्री और न्यूनतम तापमान -4 डिग्री होना चाहिए।” पाकिस्तान रेडियो ने जम्मू और पुलवामा के मौसम के बारे में भी अनुमान ट्वीट किए हैं।

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव कराए जाने के आदेश का कड़ा विरोध किया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पूरे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलावा गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। लिहाजा, पाकिस्तान इसे फौरन खाली कर दे। उसका यहां कब्जा गैरकानूनी है।

पिछले साल पांच अगस्‍त को जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद पीओके को भी भारत में शामिल करने की मांग उठ रही है। सरकार ने भी स्‍पष्‍ट रूप से कहा है कि वह पीओके को भारत का हिस्‍सा मानती है और संपूर्ण जम्‍मू-कश्‍मीर भारत का हिस्‍सा है।

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