निर्मला सीतारमण ने बताया भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर

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नई दिल्ली: केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार की शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि पूरी दुनिया के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर है। निर्मला ने कहा कि आज अमेरिका और चीन जैसे देशों के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था कहीं ज्यादा बेहतर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है।

निर्मला सीतारमण की अर्थव्यवस्था को लेकर कही कई दस बातें-

1-पूरी दुनिया में आर्थिक उथल पुथल है। चीन से बेहतर स्थिति में है भारत, दुनिया के मुकाबले भी अच्छे। चीन और अमेरिका के ट्रेड का असर है ये।

2- भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में है। आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर। 2014 से ही सुधार कर रहे हैं, ये जारी रहेंगे। कैपिटल गेन पर सरचार्ज वापस ले लिया गया है।

3-अब तक के जीएसटी रिफंड बकाया तीस दिन में मिलेगा। छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा; भविष्य के रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा।

4-विजय दशमी से टैक्स विवाद आसानी से सुलझेगा। शेयर बाजार पर असर सोमवार को देखने को मिलेगा। कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज वापस लिया गया। मांग बढ़ाने के लिए सरकारी विभाग पुरानी गाड़ियों के बदले नई गाड़ियां खरीद सकेंगे। आटोमोबाइल सेक्टर में बीएस 4, 31 मार्च 2030 तक खरीदी जाने वाली गाड़ियां अपने रजिस्ट्रेशन पीरियड के लिए मान्य होंगी।

5- जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया निर्बाध होनी चाहिए, इसके निर्देश दिए गए हैं। बैंकों को लोन चुकता करने के 15 दिन के अंदर उपभोक्ता के डाक्यूमेंट लौटाने होंगे। घर के लिए पैसे देने के बाद भी नहीं मिलने वालों के लिए सरकार जल्द नीति लेकर आएगी।

6- भारत में व्यापार करना आसान हुआ। टैक्स का निपटारा बिना आमने-सामने बैठे। वन टाइम लोन सेटलमेंट के लिए चेक बाक्स सिस्टम। अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए अगले हफ्ते सरकार कुछ और घोषणाएं करेगी।

7- हम जीएसटी को और आसान बनाएंगे। सभी देश मंदी का सामना कर रहे हैं। मांग बढ़ाने के लिए सरकारी विभाग पुरानी गाड़ियों के बदले नई गाड़ियां खरीद सकेंगे। सरकार स्क्रैपेज पालिसी पर विचार करेंगी, उम्मीद है जल्द इस पर फैसला होगा।

8-टैक्स और लेबर कानून में लगातार सुधार कर रहे हैं। रेपो रेट से जुड़ेंगी ब्याज दरें, होम कार लोन सस्ते होंगे। लोन सेटलमेंट की शर्तें आसान हुईं।

9- कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। हाउसिंग फाइनेंस कम्पनियों के लिए 30000 करोड़ रुपये और। एनबीएफसी केवाईसी के लिए आधार का उपयोग करेंगे।

10- पब्लिक सेक्टर बैंकों पर बड़ा ऐलान। 70 हजार करोड़ देगी सरकार। वित्तमंत्री ने करदाताओं का उत्पीड़न समाप्त करने से जुड़े कर सुधारों के बारे में कहा, अब सभी कर नोटिस केंद्रीयकृत प्रणाली से जारी होंगे।

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