हेल्थ टिप्स: पाया सूप के फायदे

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मुंबई: पाया सूप के फायदे हाल ही के कुछ वर्षों में बहुत ही लोकप्रिय हुये है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि पाया सूप का सेवन करने से विभिन्‍न प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त किये जा सकते हैं। हालांकि हड्डियों के शोरबा में अधिक शोध नहीं हुए हैं फिर भी ऐसा माना जाता है कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। पाया सूप के फायदे वजन कम करने, पाचन को ठीक रखने, अनिद्रा, त्‍वचा समस्‍याओं आदि को ठीक करने में मदद करते हैं। इस लेख में आप पाया सूप के फायदे और नुकसान के बारे में जानेगें।

पाया सूप (बोन ब्रोथ) क्‍या है
जिन पशूओं का उपयोग हम मांसाहार के रूप में उपयोग करते हैं उनकी हड्डियों और संयोजी ऊतकों को उबालकर पाया सूप तैयार किया जाता है। पशूओं की हड्डियों में अत्‍याधिक पौष्टिक स्‍टॉक होता है इस कारण इसे आमतौर पर सूप, सॉस और ग्रेवीज़ बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। पाया सूप को स्‍वस्‍थ्‍य पेय के रूप में भी उपयोग किया जाता है जो कि बहुत ही लोकप्रिय है। यह हमें पुन: आदिमानव काल की तरफ ले जाता है। जहां पहले आदिमानव लंबे समय तक जानवरों की हड्डियों का उपभोग करने के लिए उन्हें जमा किया करते थे।

किसी भी जानवर जैसे हिरण, बकरी चिकन या मछली आदि की हड्डियों का उपयोग करके पाया सूप बनाया जा सकता है। पाया सूप बनाने के लिए पैरों, खुरों, चोंच, गर्दन, मज्‍जा, संयोजी ऊतकों और पंख आदि का उपयोग भी किया जा सकता है।

पाया सूप पानी से बना हुए एक स्‍वादिष्‍ट पेय है जिसमें हड्डियों, मांस, मछली और सब्‍जीयों को उबाला जाता है। इसका अकेले भी सेवन किया जा सकता है लेकिन इसे आमतौर पर सूप, ग्रेवीज़ और सॉस आदि व्‍यंजनों को तैयार करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। 100 ग्राम पाया सूप में मौजूद पोषक तत्‍व इस प्रकार हैं।

पाया सूप में कालरिज 267 होती है। दैनिक आवश्‍यकता के अनुसार अन्‍य पोषक तत्‍व

कुल वसा 14 ग्राम ( संतृप्‍त वसा 3.4 ग्राम, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा 4.5 ग्राम, मोनोअनसेचुरेटेड वसा 5 ग्राम)
कोलेस्‍ट्रॉल 13 मिली ग्राम
सोडियम 23,875 मिली ग्राम
पोटेशियम 309 मिली ग्राम
कुल कार्बोहाइड्रेट 18 ग्राम
फाइबर 0 ग्राम
चीनी 17 ग्राम
प्रोटीन 17 ग्राम
विटामिन ए 0 प्रतिशत
विटामिन C 1 %
कैल्शियम 18 %
लौह 5%
विटामिन D 0 %
विटामिन B 65%
विटामिन B12– 5%
मैग्‍नीशियम 14 %

पाया सूप प्राचीन समय से ही स्‍वस्‍थ आहार के रूप में उपयोग किया जा रहा है। लेकिन आज के समय में भी इसका उपयोग बहुत ही लोकप्रियता प्राप्‍त कर रहा है। पाया सूप का उपयोग खाद्य पदार्थ के रूप मे किया जाता है जो हमें विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्रदान करते हैं। शोरबा को आसानी से तैयार किया जा सकता है। यह हमें त्‍वरित ऊर्जा दिलाता है। आइए जाने बोन ब्रोथ के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ क्‍या है।

हड्डी शोरबा में कैलोरी बहुत ही कम होती है लेकिन फिर भी यह भूख को संतुष्‍ट करने में मदद करता है। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नियमित रूप से पाया सूप का सेवन करने से कम कैलोरी का सेवन किया जा सकता है जिससे समय के साथ वजन को घटाने में मदद मिलती है। हड्डी शोरबा में जिलेटिन होता है जिससे विशेष रूप से पूर्णता (पेट के भरे होने) की भावना को बढ़ावा मिलता है।

एक अन्‍य अध्‍ययन में पाया गया कि जिलेटिन प्रोटीन केसिन की तुलना में भूख को कम करने के लिए अधिक प्रभावी होता है जो डेयरी उत्‍पादों में पाया जाता है। जिलेटिन की प्राप्‍ती के लिए बोन ब्रोथ का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है।

पाया सूप पीने के फायदे सूजन को कम करे
अध्‍ययनों से पता चलता है कि बोन ब्रोथ में मौजूद एमिनो एसिड (जैसे सिस्टीन, हिस्टिडाइन और ग्लिसिन) होते हैं जो कि सूजन को कम करने में मदद करते हैं। पाया सूप में मौजूद एल-ग्‍लूटामाइन विशेष रूप से आंतों की सूजन को कम करता है। इसके अलावा सन 2000 में हुए एक अध्‍ययन से यह भी प्रमाणित होता है कि पाया सूप में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो कि सामान्‍य सर्दी के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

बोन ब्रोथ के फायदे गर्भावस्‍था के दौरान
पाया सूप का उपयोग संपूर्ण गर्भावस्‍था के दौरान भी फायदेमंद होता है। यह स्‍वस्‍थ हड्डियों, स्‍वस्‍थ पाचन और भ्रूण के उचित विकास में भी मदद करता है। गर्भावस्‍था के दौरान उल्टी और मितली बहुत ही आम होती है, जिसे दूर करने वाले सभी पोषक तत्‍व बोन ब्रोथ में मौजूद रहते हैं। यह मतली का अच्‍छी तरह से उपचार कर सकता है। महिलाओं के लिए इसके फायदे इसमे मौजूद प्रोटीन, विटामिन और खनिजों के कारण होते हैं जो उनके बच्‍चे को बढ़ने में मदद करते हैं।

पाया सूप प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसका नियमित सेवन करने से स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध उत्‍पादन की क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।

बकरे के पाये के फायदे मांसपेशियों को मजबूत करे
एमिनो एसिड की उपस्थिति के कारण पाया सूप मांसपेशीय प्रोटीन संश्‍लेषण को उत्‍तेजित करने में मदद करता है। कंकाल की मांसपेशीयों के विकास उनकी मरम्‍मत और रखरखाव के लिए प्रोटीन संश्‍लेषण बहुत ही आवश्‍यक होता है। एक अध्‍ययन से पता चलता है कि पाया सूप का सेवन करने से प्राप्‍त अमिनो एसिड कैंसर थैरेपी से गुजरने वाले रोगीयों में मांसपेशीय प्रोटीन संश्‍लेषण को उत्‍तेजित करने और सूजन को कम करने में मदद करता है।

पाया सूप में जिलेटिन होता है जिससे आपको पोषक तत्वों के पाचन में मदद मिलती है। इसलिए गैस या कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोग पाया सूप जरूर ट्राई करें।

पाया सूप में भारी मात्रा में मिनरल्स, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, फ्लोराइड, सोडियम और पोटैशियम होते हैं जिनसे आपकी हड्डियां स्वस्थ रहती हैं।
यह कोलेजन और यालुरोनिक एसिड का बेहतर स्रोत है जिससे आपकी स्किन बेहतर होती है और नाखून व बाल मजबूत होते हैं।

जर्नल चेस्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, श्वसन संक्रमण के दौरान पाया सूप पीने से सफेद रक्त कोशिकाओं को कम करने में मदद मिलती है जो फ्लू और सर्दी के लक्षणों का कारण हैं।

इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी अमीनो एसिड प्रोलाइन और ग्लाइसिन होते हैं जो इन्फ्लेमेशन से लड़ने में सहायक हैं। इसके अलावा ग्लाइसिन से नींद को बढ़ावा मिलता है।

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