पहले राशन और अब दवा, डॉक्टर वैभवी और अंकित बने प्रेरणा के मिसाल

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मुंबई: देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 5.0 लागू कर दिया है। कोरोना के कारण लाखों संख्या में श्रमिक अपने घर पलायन कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में करीब 70 हजार से अधिक कोरोना के मामले हो गए हैं। ऐसे लग रहा है कि राज्य सरकार कोरोना के सामने गुटने टेक दिए हैं।

मुंबई में बड़ी संख्या में लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं। ऐसे में होमोयोपैथिक कॉनसल्टेंट एट डाईब केअर डॉक्टर वैभवी सावंत ने अंकित त्रिपाठी के साथ मिलकर पहले श्रमिकों में खाना बांटा। वैभवी और अंकित भाई-बहन हैं। एक हफ्ते में करीबन 1500 लोगों को खाना बंटाने का कार्य दोनों ने किया।

इसके बाद मई के पहले हफ्ते से और अभी तक आर्सेनियम अल्बम 30 होमोयोपैथिक दवाई बांट रहे हैं। अब तक करीब 500 से भी अधिक लोगों में बांट चूके हैं। वैभवी और अंकित यह कार्यक्रम आगे भी जारी रखेंगें। अंकित त्रिपाठी मरचेंट नेवी में काम करते है। इन दिनों वो अपने घर छुट्टियां मनाने आए हैं।

वैभवी ने बताया कि इस दवाई का सेवन किसी डॉक्टर से पूछ कर लें। वैभवी ने बताया, यह दवा कॉमन हैं अक्सर यह दवा कोल्ड और कफ में दिया जाता हैं। इससे आपका इम्यूनिटी बूस्ट करने का काम करता हैं।

यह दवा का डोज़ सिर्फ 3 दिन तक दो टाइम लेना हैं। अगर आप काँटेंमेंट ज़ोन में है तो आपको 15 दिन के बाद देना हैं। अगर आप काँटेंमेंट जोन में नहीं हैं या आप बाहर नहीं निकलते है तो आपको यह दवा 30 दिनों बाद लेनी हैं।गर्भवती महिलाए भी इस दवा का सेवन कर सकती हैं।

वैभवी और अंकित खुद के खर्चे से यह सब कुछ कर रहे हैं। नैजवानों में ऐसी जिद देखकर बहुत खुशी होती हैं। दोनों भाई-बहन, डॉक्टर वैभवी सावंत और अंकित त्रिपाठी दोनों हमारे देश के नैजवानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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